वॉइस चेंजर एप्प के जरिए युवती बनकर दोस्तों ने ही युवक से बात को, मौत के घाट उतारा

 

आरोपियों ने युवती बनकर वॉइस चेंजर के जरिए युवक से बात, फेसबुक पर बनाई फेक आईडी बनाक्र की थिस दोस्ती 

प्रदेश आज, आगरा| उत्तर प्रदेश पुलिस ने जब इस घटना का खुलासा किया तो पुलिस भी कहानी सुनकर हैरान रह गई। जिसमें आरोपियों ने युवती बनकर वॉइस चेंजर के जरिए युवती की आवाज बदलकर दोस्तों ने ही युवक को मौत के घाट उतारा|

आरोपी के मुताबिक करीब नौ महीने पहले उसे फेसबुक के माध्यम से जानकारी हुई कि उसका दुश्मन झारखंड में नौकरी कर रहा है। तभी उसने ज्योति नाम से लड़की का फेक फेसबुक अकाउंट बना लिया और दुश्मन को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। फेसबुक के जरिए उसने प्रदीप से लड़की बनकर दोस्ती कर ली और उसका मोबाइल नंबर भी ले लिया।

आरोपी ज्योति बनकर अपने दुश्मन से बात किया करता था। फिर उसने अपनी बातों में फंसाया। हत्या वाले दिन भी उसने ज्योति बनकर ही प्रदीप को बुलाया था। प्रदीप के साथ उसका दोस्त सतेंद्र भी आया था। बुलाने के बाद आरोपियों ने उन पर फायर झोंक दिया गोली प्रदीप के दोस्त राघवेन्द्र को लगी जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने राघवेंद्र एवं उसके दोस्त अनिल को इस मामले में जेल भेजा है।

घटना की जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण राजेश कुमार ने बताया कि हत्या के मामले में पुलिस ने थाना नगला खंगर क्षेत्र के इशहाकपुर निवासी राघवेंद्र उर्फ काके पुत्र प्रेमदेव यादव और उसके साथी अनिल यादव पुत्र रामदेव को गिरफ्तार किया है। उन्होंने इस घटना को अंजाम देना कबूल किया है।

पूछताछ में आरोपी राघवेंद्र उर्फ काके ने पुलिस को बताया कि उसने धोनई निवासी प्रदीप की हत्या की साजिश रची थी लेकिन गलती से सतेंद्र के गोली लग गई और उसकी मौत हो गई। आरोपी के मुताबिक वर्ष 2014 में एक युवती के चक्कर में प्रदीप पुत्र अजयपाल सिंह ने उसकी पिटाई कराई थी। इस घटना के बाद से ही प्रदीप नौकरी के सिलसिले में बाहर चला गया था लेकिन उससे बदला लेने के लिए काके ने मन में ठान लिया था।

 

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