भूखे मरने की कगार पर पहुंचा गोवंश, श्री कृष्ण गौशाला प्रबंधकों ने दी गायों को सड़क पर छोड़ने की चेतावनी

बवाना स्थित दिल्ली की सबसे बड़ी श्री कृष्ण गौशाला सालों से उपेक्षा की शिकार हो रही है। निगम के नेताओं, मेयर और कमिश्नर से बकाया राशि भुगतान की गुहार

प्रदेश आज, नई दिल्ली। बवाना स्थित दिल्ली की सबसे बड़ी श्री कृष्ण गौशाला में गोवंश भूखे मरने की कगार पर है। गौशाला के उत्तरी दिल्ली नगर निगम की तरफ करीब 18 करोड़ रुपए बकाया हैं। बकाया वसूल करने के लिए गौशाला प्रबंधक निगम अधिकारियों, नेताओं और बीजेपी पदाधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं।

श्री कृष्ण गौशाला के प्रवक्ता मोहन गर्ग का कहना है कि निगम गौशाला को बीस रुपए प्रति गाय प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करता है, लेकिन यह भुगतान लंबे समय से नहीं हो पाया। इस बाबत पूर्व और मौजूदा महापौर निगम आयुक्त को भी कई बार लिख चुके हैं। कोरोना वायरस और लॉक डाउन के कारण आजकल गौशाला में दान या चंदा आना भी बंद हो गया है। पैसे की कमी के कारण गायों के लिए चारा और भोजन की व्यवस्था नहीं हो पा रही, क्योंकि दुकानदारों ने उधार देना भी बंद कर दिया है। निगम का यह लापरवाहीपूर्ण रवैया गौ भक्तों को व्यथित कर रहा है। श्री कृष्ण गौशाला में साढ़े आठ हजार से ज्यादा गौवंश है।

संस्था के चेयरमैन सुभाष अग्रवाल ने बताया कि निगम ने गौशाला को साल 2017 से पैसा नहीं दिया। वर्ष 2017-18 के चार करोड़ 78 लाख, 18-19 के पांच करोड़ 64 लाख, 19-20 के पांच करोड़ 97 लाख और चालू वर्ष के डेढ़ करोड़ रुपए बाकी हैं। अग्रवाल ने कहा कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो प्रबंधक भूखी गायों को सड़क पर छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

नॉर्थ दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश ने कहा बताया कि श्री कृष्ण गौशाला के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की थी और अपनी समस्याएं बताई थीं।‍ उन्होंने उनको आश्वस्त किया था कि वह जल्द ही इसका कोई समाधान निकालेंगे। उन्होंने बताया कि नॉर्थ दिल्ली नगर निगम कमिश्नर एडिशनल कमिश्नर के अलावा वित्त विभाग के संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत भी की और समस्या का समाधान निकालने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि नार्थ दिल्ली नगर निगम वित्तीय संकट से जूझ रही है। वहीं, गौशाला को समय पर राशि दिया जाना भी जरूरी है। कुछ वित्तीय समस्याओं की वजह से ही गौशाला को पेमेंट नहीं हो सकी, लेकिन अब हम इसका कोई ना कोई बीच का रास्ता निकालने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। जल्दी गौशाला को कुछ राशि अदा की जाएगी।

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