Video : सिंधिया के खिलाफ दायर परिवाद अदालत ने किया वापस, कहा विशेष कोर्ट भोपाल को सुनवाई का क्षेत्राधिकार

कॉंग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह समर्थक वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोपीलाल भारती द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए पेश किया परिवाद

प्रदेश आज, ग्वालियर। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former CM Digvijay Singh) समर्थक वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोपीलाल भारती (Congress Leader Gopilal Bharty) द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) पर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए पेश परिवाद (Complaint filed against Jyotiraditya Scindia for cheating) पत्र जिला एवं सत्र न्यायालय (District and Sessions Court Gwalior) ने वापस कर दिया है। अदालत ने कहा कि सांसद-विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत का गठन (Special court constituted to hear criminal cases against MP-MLAs) किया गया है। याचिकाकर्ता अपना परिवाद वहां प्रस्तुत कर सकते हैं।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पवन कुमार पटेल ने प्रकरण को वापस करते हुए कहा कि न्यायालय को यह ज्ञात है कि जिनके खिलाफ यह मामला प्रस्तुत किया गया है वे ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सांसद व विधायकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए भोपाल में विशेष न्यायालय का गठन किया गया है। ऐसे मामलों की सुनवाई का क्षेत्राधिकार विशेष न्यायालय को ही है।

परिवादी की ओर से उनके अधिवक्ता कुबेर बौद्ध ने कहा कि जिस दिन परिवाद में वर्णित अपराध किया गया है उस दिन सिंधिया राज्यसभा सांसद नहीं थे। इसके बाद भी झांसी रोड थाना प्रभारी ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया। इस कारण जेएमफसी कोर्ट को मामले की सुनवाई का अधिकार है, लेकिन न्यायालय ने इस आवेदन को खारिज करते हुए प्रकरण को वापस कर दिया।

सियासी घमासान का नतीजा

मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच हमले शुरू हो गए हैं। वर्तमान परिवाद इसी का नतीजा बताया जा रहा है। इस घमासान के चलते सिंधिया और दिग्विजय सिंह समर्थक अब सीधे आमने-सामने आ गए हैं। इस परिवाद में भारती की ओर से कहा गया है कि सिंधिया ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने के साथ जो शपथ पत्र प्रस्तुत किया है उसमें तथ्यों को छुपाया गया है। सिंधिया ने अपने ऊपर चल रहे आपराधिक मामलों की जानकारी इस शपथपत्र में नहीं दी है। इस कारण सिंधिया ने धोखाधड़ी की है। परिवाद में भादसं की धारा 177, 181, 182, 281, 420, 465, 471, 120 बी एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई है। दरअसल व्यापमं कांड में सितंबर 2017 में भोपाल की विशेष अदालत के आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं कमलनाथ के खिलापफ मामला दर्ज किया था। भारती का कहना है कि शपथ पत्र में इस तथ्य को छुपाया गया है।

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